जब भीतर कोई जवाब बचा ही नहीं
मनुष्य को हमेशा लगता है कि जीवन किसी उत्तर की तरफ बढ़ रहा है। जैसे कहीं कोई अंतिम समाधान रखा हो, जिसे पा लेने के बाद सब स्पष्ट हो जाएगा। इसी उम्मीद में सवाल पैदा होते हैं। सवालों के साथ खोज चलती है। और खोज के साथ एक बेचैनी भी चलती रहती है। पर कभी-कभी … Read more